Hemmano-Articles
फिल्मी जगत

मसान : हिंदी समीक्षा

मसान

मसान फिल्म का नाम जब मैंने सुना था तो बेहद उबाऊ फिल्म होगी, ऐसा सोचा था। फिल्म जब देखनी शुरू की तो लगातार 2 घण्टे सामने बैठा रहा, मुझे याद नहीं कि इस फिल्म को देखते वक़्त मैं कभी भी पानी पीने के लिए भी बाहर गया हूँ। इस फिल्म ने मुझे शुरू से आखिर तक बाँधे रखा है।

मसान

फिल्म में क्या है? – फिल्म सामाजिक है, इसमें दो कहानियाँ साथ साथ चलती हैं, पहली कहानी जिसमें एक जवान लड़की की सामाजिक समस्या को उजागर किया गया जब वो किसी लड़के के साथ होटल के कमरे में संदेहास्पद रूप से पुलिस द्वारा पकड़ी जाती है और लड़का बेइज्जती से डरकर आत्महत्या कर लेता है। इस लड़की के किरदार में बेहतरीन अदाकारा ऋचा चड्ढा है, और उसके के पिता के किरदार में संजय मिश्रा हैं

मसान

पूरी फिल्म में अपने ऊपर उस लड़के की मौत का बोझ लेकर चलती है और समाज के विभिन्न पक्षों से रूबरू होती है।

दूसरी कहानी में जो लड़का (विक्की कौशल) है वह शमसानों पर काम करने वाले नीची जाति के परिवार का है,

Hemmano-Articles
Vicky Kaushal AS Deepak

उसे कॉलेज में किसी ऊँची जाति की लड़की से प्रेम हो जाता है, इनका प्रेम परवान चढ़ता है, दोनों एक दूसरे को बेइंतेहा प्यार करते हैं इस फिल्म में इन दोनों के प्रसंग को बहुत सुंदरता से दिखाया गया है।

अचानक से लड़के को पता चलता है कि लड़की की मृत्यु किसी बस दुर्घटना में हो गयी है, वह शमसान में अस्थियां जला रहा होता है तो लड़की की अंगूठी किसी चिता पर दिखाई देती है, इस दौरान जो भावना इस लड़के की निकलती है वो वास्तव में रौंगटे खड़ी करने वाली होती है, यह दृश्य किसी भी मज़बूत आदमी को रुलाने के लिए काफी है, जिसकी फ्रंटलाइन है कि –

यह दुःख काहे खत्म नहीं होता।

Hemmano-Articles

यह फिल्म सच्चाई से भरी फिल्म है, इसमें ना कोई साइंस फिक्शन है और ना ही कोई सुपर पावर! परन्तु इस फिल्म में एक चीज़ हमें लगातार जोड़े रखने के लिए काफी है वो है इसका फिल्मांकन, जो कि वास्तविक प्रतीत होता है और लगता है कि कहीं ना कहीं हम इससे जुड़े हैं।

चाहे चिता से लकड़ी उठाकर चूल्हा जलाने वाला दृश्य हो या बच्चों को पानी में भेजकर सिक्के इकट्ठे करवाने वाला। सब फिल्मों में हंसी मजाक करने वाले संजय मिश्रा को आप यहाँ एक संजीदा किरदार में पाओगे और विक्की कौशल के अद्भुत अभिनय से मंत्रमुग्ध हो जाओगे।

मेरी सबसे पसंदीदा फिल्मों से एक है।

बीच में इस फिल्म का वो गाना जो दुष्यंत कुमार की कविता से लिया गया है आपको मंत्रमुग्ध करने के लिए काफी है।

मसान

तू किसी रेल सी गुज़रती है, मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ

चित्र स्रोत :- गूगल इमेज

फिल्म मसान का रिव्यू पढ़ें अनुपमा चोपड़ा द्वारा – Masaan review by Anupama Chopra: A really haunting, riveting debut


2 Replies to “मसान : हिंदी समीक्षा

  1. ये फ़िल्म मैने भी देखी थी परंतु इतना गौर नहीं किया, मुझे लगता है फिर से देखनी पड़ेगी।

कमेंट लिखें