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खुद की मार्केटिंग एजेंसी कैसे शुरू करें?

डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी कैसे शुरू करें ? –

मार्केटिंग एजेंसी

★ डिजिटल मार्केटिंग – बड़ा ही attractive शब्द है, आपको मॉडर्न डे, मॉडर्न वर्क वाला कर्मचारी बना सकता है। डिजिटल मार्केटिंग शब्द ही अपनी जड़ों को इंटरनेट से जुड़ा हुआ पाता है।
साधारण मार्केटिंग (ऑफलाइन) का काम बड़ा उबाऊ पहचान के लिए जाना जाता है लेकिन डिजिटल मार्केटिंग थोड़ा इंटरेस्टिंग हैं। इससे आप केवल कंप्यूटर और इंटरनेट के जरिये घर बैठे ढेरों रुपये कमा सकते हैं।
अब आपके मन में भी उत्सुकता हो गयी होगी कि डिजिटल मार्केटिंग कैसे करें या डिजिटल मार्केटिंग क्या है?

■ डिजिटल मार्केटिंग क्या है?- किसी वस्तु, सेवा को डिजिटली प्रचारित करना। जैसे आजकल इंटरनेट पर आप जिस भी वेबसाइट पर जाते हैं कोई न कोई विज्ञापन देखने को मिल जाता है। मोबाइल में आने वाले प्रचार वाले sms, आने वाले ईमेल और यूट्यूब पर दिखाए जाने वाले वीडियो के पहले आने वाले विज्ञापन इसी मार्केटिंग का हिस्सा है।
जिन लोगों को गूगल और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म की समझ होती है वे डिजिटल मार्केटियर बनकर आपके कंटेंट या आपकी वेबसाइट की पहुँच को अधिक लोगों तक पहुंचाते हैं।
आज दुनियाभर में अधिकतर लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे हैं तो डिजिटल मार्केटिंग ही आज की सबसे महत्ती आवश्यकता बन गयी है।

अब जब आपको डिजिटल मार्केटिंग के बारे में थोड़ी बहुत समझ आ चुकी है तो क्यों न इस ओर हाथ आजमाया जाए?

अब इसके भी दो तरीके हैं –

  1. खुद के प्लेटफॉर्म की पहुँच को बढ़ाना
  2. खुद की डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी खोल लेना

पहला तरीका आसान है लेकिन उसका क्षेत्र भी उतना ही छोटा है, उससे आप केवल अपनी वेबसाइट की पहुँच बढ़ा पाएंगे और पैसा कमाने में वक़्त लगेगा।

दूसरा तरीका काफी विस्तृत है और बड़े स्कोप वाला है, इस तरीके से आप खुद का डिजिटल मार्केटिंग बिजनस खोल सकते हैं। अब जब आप खुद का बिजनस शुरू करना चाहते हैं तो जान लेते हैं कि यह कैसे होगा।

हम आपको स्टेप- बाय- स्टेप समझाएंगे कि किस प्रकार आप भी अपनी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी शुरू कर सकते हैं।

“करत-करत अभ्यास ते जड़मति होत सुजान,
रसरि आवत-जावत ते सिल पर पड़त निशान “

  1. प्रशिक्षण – किसी भी चीज़ में अपनी परफॉर्मेंस देने से पहले उसे सीखना जरूरी होता है, उसी प्रकार अगर डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी खोलनी हो या मार्केटिंग के बारे में जानकारी चाहिए तो आपको ऑनलाइन उपलब्ध वेबसाइट्स से कोई कोर्स करना होगा।
    ऐसी कई वेबसाइट्स हैं जिनमें Coursera, Udemy, Shaw Academy प्रमुख हैं।
    ये कोर्स आपको कुछ इन्वेस्ट करके खरीदने होंगे, अपनी क्वालिटी और lesson टाइम के अनुसार ये कोर्स 1000 रुपये से 20000 रुपये तक अवेलबल हैं।
  2. अनुभव – ऐसा नहीं है कि मात्र कोर्स करने और कुछ lesson पढ़ने से आपको सबकुछ आने लगेगा और आप डिजिटल मार्केटिंग में पारंगत हो जाओगे। आपको सीखने के लिए लगातार प्रयोग करना पड़ेगा।

डिजिटल मार्केटिंग को भीतर से जानने के लिए आपको पहले से चल रही किसी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी में अप्लाई करना पड़ेगा और अधिक से अधिक नॉलेज अर्जित करनी होगी। इससे आप बिजनस में आने वाली कठिनाइयों, चुनौतियों का मूल्यांकन कर सकते हैं।
अब आप किसी agency में नौकरी करने के बाद इस क्षेत्र से जुड़ी अधिकाधिक जानकारी इकट्ठी कर पाएंगे।

  1. धन – जब आप अपने इस नए बिजनेस से जुड़ी सारी जानकारी हासिल कर लेते हैं और Agency खोलने का पक्का मन बना ही लेते हैं तो सबसे पहले जो चीज़ आवश्यक है वो है – धन!

कंप्यूटर इक्विपमेंट से लेकर ऑफिस और कर्मचारी सभी के महत्व को ध्यान में रखते हुए कम से कम 1 वर्ष तक का बजट तैयार कर लेना चाहिए।
इन खर्चों में मुख्य – कर्मचारियों की तनख्वाह, कंप्यूटर्स, ऑफिस की जगह और आफिस का सामान इत्यादि होंगे।

  1. रजिस्ट्रेशन – यदि आपने अपनी एजेंसी का नाम पहले से तय कर रखा है तो इस नाम के रजिस्ट्रेशन की उपलब्धता के बारे में जानने के लिए आपको मिनिस्ट्री ऑफ कंपनी अफेयर्स ( MCA ) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और पता करना होगा कि जिस नाम से आप रजिस्टर करना चाहते हैं क्या वो पहले से रजिस्टर तो नहीं है। नाम और डोमेन की उपलब्धता के आधार पर आप अपनी एजेंसी को रजिस्टर कर सकते हैं।
    कम्पनी को प्रोपेरियोटेरशिप के अंतर्गत रजिस्टर करना ठीक रहेगा क्योंकि लिमिटेड व प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तुलना में प्रोपेरियोटेरशिप में कम अनुमतियाँ चाहिए होती है और यह प्रक्रिया आसान होती है।
  2. GST/ बैंक – आपको अपनी एजेंसी की वित्तीय क्रिया के लिए एजेंसी के नाम से बैंक खाता खोलना होगा और कम्पनी के नाम पर पैनकार्ड भी बनवाना होगा MCA से रजिस्ट्रेशन करने के बाद यह काम बहुत आसान हो जाएगा।
    आप अपने ग्राहकों में विश्वसनीयता बनाने के लिए GST रजिस्ट्रेशन भी पहले करवा लें तो उचित रहेगा, इसकी जानकारी के लिए किसी स्थानीय CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) से सम्पर्क करें।
  3. कर्मचारी – अब जब आप एक कम्पनी के फाउंडर बन गए हैं तो क्लाइंट्स को हैंडल करने के लिए कर्मचारियों यानी एम्प्लाइज की जरूरत पड़ेगी और कर्मचारी भी ऐसे चाहिए होंगे जिनमें अलग-अलग स्किल्स मौजूद हों।
    जैसे- वेब डेवलपर, SEO एक्सपर्ट, कस्टमर रिलेशन एक्सपर्ट, सोशल मीडिया एडवरटाइजर इत्यादि।
    आप फ्रेशर को तो ले सकते हैं लेकिन कुछ बेहतरीन अनुभवी कर्मचारियों की भी आवश्यकता रहेगी।
  4. वेबसाइट – अब आप अपने पसंदीदा डोमेन को रजिस्टर करें और अपने किसी कर्मचारी को वेबसाइट डिज़ाइन करने का काम दे दें। इसमें आपको ईमेल, डोमेन, हॉस्टिंग सबका लाभ मिलेगा और आपकी कम्पनी पब्लिकली विजिबल भी हो जाएगी।
  5. स्व-मार्केटिंग – अब आपको सबसे पहले खुद की एजेंसी की मार्केटिंग करनी पड़ेगी ताकि अधिक से अधिक ग्राहक आप तक पहुँचे। आप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के द्वारा अपनी पहुँच को बढ़ा सकते हैं।

याद रखें – जितने ज्यादा ग्राहक आएंगे उतना ज्यादा पैसा।
इसलिए अपना पूरा ध्यान ग्राहकीय संतुष्टि पर रखें।

by – Nand Kishor Sharma

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