साहित्यिक लेख

भारत और वाद-विवाद की संस्कृति
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भारत और वाद-विवाद की संस्कृति

भारत और वाद-विवाद की संस्कृति सहमति और असहमति पारस्परिक संवाद के मुख्य पहलू होते हैं, इंसानी जीवन में हरेक चीज़, घटना या परिस्थिति को देखने, समझने या अपनी राय व्यक्त करने के लिए कई तरीके होते हैं। शारीरिक विवादों की बजाय सदैव मौखिक विवाद सारपूर्ण होते हैं. जब कोई सहमत नहीं होता है या अपनी […]

हिन्दू कौन है?
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हिन्दू कौन है? – देवदत्त पटनायक

हिन्दू कौन है? : देवदत्त पटनायक महाकाव्य महाभारत के अनुसार जब द्रौपदी अपने पिता की यज्ञशाला की अग्नि से पैदा हुई थी, तो वह अपने आप में सम्पूर्ण थी। उसका कोई बचपन नहीं बीता, उसका कोई लालन-पालन नहीं हुआ। वह जिस दिन पैदा हुई उसी दिन से शादी करने लायक हो गई और अपने भाग्य में लिखे […]

खेती एक नॉन प्रोफिट व्यवसाय : Hemmano Guest Column : रामस्वरूप किसान
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खेती एक नॉन प्रोफिट व्यवसाय : Hemmano Guest Column : रामस्वरूप किसान

खेती एक नॉन प्रोफिट व्यवसाय : रामस्वरूप किसान खेती नॉन प्रोफिट व्यवसाय है। आप कहेंगे, छोड़ क्यों नहीं देते? मैं कहता हूं, यह सवाल आप एक स्त्री के बारे में भी कर सकते हैं जो सुचारू रूप से घर बसाने व चलाने में हर रोज हजार बलात्कारों से भी अधिक यातनाओं से गुजरती है, एक […]

सहिष्णुता, असहिष्णुता और स्वीकृति : स्वामी विवेकानन्द के विचार : Dr. Jeffery D Long
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सहिष्णुता, असहिष्णुता और स्वीकृति : स्वामी विवेकानन्द के विचार : Dr. Jeffery D Long

सहिष्णुता, असहिष्णुता और स्वीकृति – स्वामी विवेकानन्द के विचार जेफरी डी. लॉन्ग, सहिष्णुता और असहिष्णुता के विषय पर स्वामी विवेकानन्द ने दुनिया को जो कहा, क्या उस विद्वान संत की कही बातें वर्तमान समय में भी प्रासंगिक है? इस प्रश्न का उत्तर देना बहुत ज्यादा कठिन नहीं लगता, क्योंकि उन्होंने इस विषय पर सार्वजनिक रूप […]

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प्रेम, गाली, वेश्यावृति, राजनीति : Hemmano Guest Column

प्रेम, गाली, वेश्यावृति, राजनीति [pullquote] लेकिन यह दीग़र बात है कि सभ्यता ने गरीबों को भाषा तो सिखा दी, लेकिन लिपि नहीं सिखाई!   [/pullquote] _________________________   प्रेम एक ज़रूरी शब्द है। सबका ध्यान भी बड़ी आसानी से खींच लेता है. लेकिन प्रेम महज़ एक शब्द नहीं, एक बहुत व्यापक भाव है।   मैंने कभी […]

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रिपोर्ताज : एक रोज़नामचा Hemmano Guest Column

रिपोर्ताज : एक रोज़नामचा 22 अगस्त, 2019 आज दो घटनाएं खास घटित हुईं। सुबह-सुबह बस का सर्र से निकलना और दोपहर बाद बैंक में ‘समयांतर’ का मिलना। एक दुःखद। एक सुखद। गांव से स्कूल की दूरी 35 किलोमीटर है। स्कूल प्रातः 7.30 बजे लगता है। मेरा गांव परलीका और मेरा कार्यस्थल टोपरियां। दोनों ही गांव […]

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धर्मनिरपेक्ष कबीर

धर्मनिरपेक्ष कबीर जो तोकु कांटा बुवे, ताहि बोय तू फूल।  तोकू फूल के फूल है, बाकू है त्रिशूल॥ कबीर से बड़ा कोई सेक्युलर हुआ है भारत में? जिसको हिन्दू-मुसलमान दोनों ने मारने की धमकी दी। कबीर खुद लिखना नहीं जानते थे लेकिन उनकी कही बातें आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। जीवन भर कट्टरपंथियों, धार्मिक पाखंडों, […]