थार के रेगिस्तान में बसी संस्कृति की झलक

ढुकाव : थार के रंग (19) : Kanha Sharma
थार के रंग 

ढुकाव : थार के रंग (19) : Kanha Sharma

ढुकाव दूल्हे का बारात लेकर गाजेबाजे सहित दुल्हन के द्वार पर पहुंचना थार में ढुकाव होता है। यह तकरीबन दो से पांच घण्टे तक चलने वाला कार्यक्रम है। कार्यक्रम का समय बींद के बाप के स्वभाव पर निर्भर करता है। सनद रहे सम्पूर्ण बारात एक ही यूनिट मानी जाती है,अगर बींद का बाप आकरा (कठोर […]

बारात : थार के रंग (18) : Kanha Sharma
थार के रंग 

बारात : थार के रंग (18) : Kanha Sharma

जान/जनैत(बारात) फूंफो धोळा फट्ट(चमकीला सफेद) कुर्ता,फड़द की चद्दर और नई जुत्ती पहन कंधे पर साफा धर चिलम से पीले हो चुके हाथों से उलझी हुई खिचड़ी मूंछो के curves निकालते हुए अपने लवाजमें के साथ धीरे धीरे अपने डेरे(ठहराव स्थल) से पधार रहे हैं। तेल से तर उनके बाल सिर से एकदम चिपक से गए […]

जापो: थार के रंग (17) : Kanha Sharma 
थार के रंग 

जापो: थार के रंग (17) : Kanha Sharma 

जापो दोस्तों नमस्कार, मैं कान्हा शर्मा आज आपके समक्ष थार के इंद्रधनुष का एक और देसी रंग लेकर प्रस्तुत हूँ। दोस्तों, रेत के समंदर में रहने वाले हम थारियन का अस्तित्व विश्व की विषम परिस्थितियों में से एक है। हमारी वस्तु स्थिति का आलम ये है कि बारिश और शीतलता का इंतजार करता थार तपती […]

देराणी-जिठाणी : थार के रंग (16) : Kanha Sharma
थार के रंग 

देराणी-जिठाणी : थार के रंग (16) : Kanha Sharma

देराणी-जिठाणी       [An Amalgamation of Wavering Relationship] थार में कुछ रिश्ते सरकंडे जैसे होते हैं। एकदम सीधे, स्मूथ, चमकदार और कारगर भी होते हैं और साथ ही साथ कह नहीं सकते कब हथेली में चुभ जाए और उसकी पीड़ा बस इतनी सी कि न तो डॉक्टर के पास जा सको और न शिकायत […]

चाकी/घट्टी : थार के रंग (15) : Kanha Sharma
थार के रंग 

चाकी/घट्टी : थार के रंग (15) : Kanha Sharma

चाकी/घट्टी              अनाज पीसने और दाल बनाने के लिए मैन्युल ग्राइंडिंग मशीन का खेतिहर वर्ग दो दशक पहले तक इसका भरपूर उपयोग करता रहा। दलिया, लाफ़सी और डोह राबड़ी जैसे लजीज पकवान जो थार की जान है वो सब मे चाकी की मुख्य भूमिका रही है। चाकी ग्रामीण आत्मनिर्भरता और […]

गाडी : थार के रंग (13): Kanha Sharma
थार के रंग 

गाडी : थार के रंग (14): Kanha Sharma

गाडी जिस तरह वास्तविक गाड़ियों के ब्रांड है उसी तरह खेल में गाडी यानी गाड़ी के अनेक ब्रांड है। जिनका सम्बंध इनकी मैन्युफैक्चरिंग से है। चिकनी मिट्टी की, तार की, चप्पल की, सरकंडे की, खाली डब्बों की, लकड़ी की, लोहे की, बेकार हो चुके प्लास्टिक, पॉलीथिन को जलाकर और गत्ते आदि से अनेक तरह से […]

कुंडी घोटो : थार के रंग (13) : Kanha Sharma
थार के रंग 

कुंडी घोटो : थार के रंग (13) : Kanha Sharma

कुंडी घोटो तपते थार में कुछ सुदूर हिस्से हैं जो प्राकृतिक रूप से ही क्वॉरन्टीण्ड है। करीब या दूर, न तो कोई बाजार सजता है और न ही कोई हाट लगती है। सब्जी, फल, मसाले आदि इन्हें स्थानीय लोग तेला लूणी कहते हैं। दूर कहीं बाजार में मिलते है उसमें से अत्यावश्यक सामग्री लम्बे सफर […]

दुहारी : थार के रंग (12) : Kanha Sharma
थार के रंग 

दुहारी : थार के रंग (12) : Kanha Sharma

दुहारी थार के कृषकों के लिए पशुपालन सप्लीमेंट्री लाइफ लाइन है। गाय और भैंस के मामले में थळी का किसान दुग्ध उत्पादन को परिवार में बुजुर्ग से लेकर बालक तक एक यूनिट बनाकर बाकायदा उद्योग की तरह अंजाम देता है। दुहारी(milking) दुग्ध उत्पादन की सबसे आवश्यक और पंक्चुअल प्रक्रिया है। इसके टाइम टेबल के साथ […]

पाणी की बारी : थार के रंग : Kanha Sharma
थार के रंग 

पाणी की बारी : थार के रंग (11) : Kanha Sharma

पाणी की बारी सिंध से आने वाली लू के थपेड़ों में तपती थळी की पुकार पर हिमालय की हिम पिघलकर पर्वतों से कूद पड़ी है तथा सतलुज और व्यास की सवारी से जल बनकर हरिके पतन आ पहुंची है। वहां से वाहन बदल दिया जाता है। आगे का रास्ता इंदिरा गांधी नहर की गोद में […]

भातो : थार के रंग (10) : Kanha Sharma
थार के रंग 

भातो : थार के रंग (10) : Kanha Sharma

भातो लावणी में काम की अर्जेंसी में भातो एक अत्यावश्यक कड़ी है जिसका क्रियान्वयन चूल्हाधीक्षक ढामा टोपा (घर के दैनिक कार्य) निपटा कर तैयार करती है। पूर्ण तैयार बठ्ठळ जो एक mini and mobile रसोई होता है उसे ही भातो कहते हैं। यह एक अल्लादीन का चिराग होता है। बठ्ठळ में बड़े ही करीने से […]